क्या आपको 2011 में आई हॉलीवुड फिल्म 'रियल स्टील' याद है? उस फिल्म में रोबोट बॉक्सिंग रिंग में इंसानों के इशारों पर लड़ते थे। तब वह सिर्फ एक कल्पना थी, लेकिन चीन ने अब इसे हकीकत में बदल दिया है। चीन की टेक्नोलॉजी और सेना की तैयारियों ने एक बार फिर दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है। हाल ही में एक ऐसा 'मिलिट्री रोबोट' दुनिया के सामने आया है जो इंसानी सैनिक की तरह हरकतें करता है।
चलिए जानते हैं कि आखिर यह नई तकनीक क्या है और भारत समेत पूरी दुनिया के लिए यह चर्चा का विषय क्यों बनी हुई है।
Unveiling the New China Military Robot
हाल ही में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी ने 12वें अंतरराष्ट्रीय आर्मी कैडेट वीक का आयोजन किया था। इंटरेस्टिंग इंजीनियरिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी कार्यक्रम में नवंबर 2025 में इस एडवांस रोबोट की झलक दिखाई गई।
इस इवेंट में सिर्फ चीन ही नहीं, बल्कि दुनिया के 13 अन्य देशों के रक्षा अधिकारी और कैडेट्स भी मौजूद थे। वहां मौजूद एक मोरक्को के कैडेट ने अपनी हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगा था कि युद्ध के रोबोट इतनी जल्दी इतने एडवांस हो जाएंगे, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने इसे मुमकिन कर दिया है।
How the Human Mimic Technology Works
इस रोबोट की सबसे बड़ी खासियत इसकी नकल करने की क्षमता है। इसे कंट्रोल करने के लिए सैनिक को एक खास तरह का सेंसर वाला सूट पहनना पड़ता है। यह सूट इंसान की हर हरकत को रिकॉर्ड करता है।
जैसे ही सैनिक अपना हाथ उठाता है, रोबोट भी हाथ उठाता है। अगर सैनिक मुक्का मारता है या बचाव की मुद्रा में आता है, तो रोबोट मिली-सेकंड में वही एक्शन दोहराता है। यह सब AI और सेंसर के तालमेल से होता है। यानी भविष्य में खतरनाक बॉर्डर या युद्ध के मैदान में सैनिक को जाने की जरूरत नहीं होगी, वह दूर बैठकर सुरक्षित जगह से इस रोबोट के जरिए लड़ सकेगा।
Shift Towards Intelligent Warfare
चीन अब पुराने जमाने की जंग से आगे बढ़कर 'इंटेलिजेंट वॉर' की तैयारी कर रहा है। यह रोबोट अकेला नहीं है। इससे पहले भी चीन रोबोट डॉग्स बना चुका है जो पीठ पर मशीन गन रखकर फायरिंग कर सकते हैं।
इस आर्मी कैडेट वीक में कुछ और भी दिलचस्प चीजें दिखाई गईं:
- आवाज से कंट्रोल होने वाले बम निरोधक रोबोट।
- जमीन के नीचे छिपी बारूदी सुरंगों को खोजने वाले AI रोबोट।
- वर्चुअल बैटलग्राउंड जहां AI हर कैडेट की कमजोरी पकड़कर उसे ट्रेनिंग देता है।
Future Challenges for Global Defense
भले ही अभी ये रोबोट प्रदर्शन के लिए हैं, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि वह दिन दूर नहीं जब ये असली जंग के मैदान में उतरेंगे। चीनी रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि रोबोट्स के आने से सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी और यह दुश्मन के मन में डर पैदा करने का काम करेगा।
यह उन देशों के लिए खतरे की घंटी है जो रोबोटिक्स और एआई के क्षेत्र में अभी पीछे हैं। जिस तेजी से चीन अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है, उसे देखते हुए भारत और अन्य देशों को भी अपनी डिफेंस टेक्नोलॉजी को और तेज करना होगा। भविष्य की जंग गोलियों से ज्यादा टेक्नोलॉजी और डेटा से लड़ी जाएगी।
