भारत में हाई ब्लड प्रेशर एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। असल समस्या यह है कि अधिकतर लोगों को लंबे समय तक इसकी जानकारी ही नहीं मिलती, क्योंकि यह बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुँचाता रहता है। ऐसे समय में Apple ने अपने स्मार्टवॉच यूज़र्स के लिए एक अहम फीचर उपलब्ध कराया है—Hypertension Detection।
लंबे इंतज़ार के बाद कंपनी को भारत की संबंधित एजेंसियों से मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही यह फीचर Apple Watch Series 11, Watch Ultra 3 के अलावा Series 9, Series 10, Ultra 1 और Ultra 2 मॉडल्स में भी शुरू हो गया है।
How the Hypertension Notification Works
Apple का यह सिस्टम उपयोगकर्ता की धमनियों की प्रतिक्रिया को समझने के लिए optical heart sensor का उपयोग करता है। यह एल्गोरिद्म बैकग्राउंड में काम करते हुए लगभग 30 दिनों के डेटा का विश्लेषण करता है। अगर नियमित रूप से हाई BP के संकेत मिलते हैं, तो Watch यूज़र को एक नोटिफिकेशन के जरिए सचेत कर देती है।
Also Read: Google XR Glasses 2026 में होंगे लॉन्च: Android XR, AI Integration, और iPhone Support के साथ Vision Pro को मिलेगी टक्करइस तरह की समय रहते मिलने वाली जानकारी यूज़र को अपनी दिनचर्या में बदलाव करने या आवश्यकता पड़े तो उपचार शुरू करने में मदद करती है, जिससे गंभीर स्थितियों का जोखिम कम हो सकता है।
Why Hypertension Detection Matters
भारत ही नहीं, दुनिया भर में 1.4 बिलियन से ज्यादा लोग हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित हैं। इनमें से बहुत कम लोग समय पर इसका पता लगा पाते हैं। यही वजह है कि इसे एक silent killer कहा जाता है। Hypertension detection जैसे फीचर रोजमर्रा की जिंदगी में दिल की सेहत पर लगातार नजर रखने का आसान तरीका बन सकते हैं।
Apple के नए मॉडल पहले से ही sleep health score और अन्य heart-related insights जैसी क्षमताओं से लैस हैं। Hypertension notification के जुड़ने से यह health ecosystem और भी सक्षम हो गया है।
Important Limitations to Know
Apple ने साफ किया है कि यह फीचर 22 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए नहीं है। इसके अलावा, जिन यूज़र्स में पहले से Hypertension की पुष्टि हो चुकी है या जो गर्भवती हैं, उनके लिए यह फीचर उपयोगी नहीं माना गया है।
Apple’s Expanding Health Ecosystem
भारत में Hypertension detection की मंजूरी Apple के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। धीरे-धीरे कंपनी health tech को दैनिक उपयोग के उपकरणों के साथ जोड़कर एक व्यापक health ecosystem तैयार कर रही है। यह अपडेट न सिर्फ Apple Watch की उपयोगिता बढ़ाता है, बल्कि भारतीय यूज़र्स के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच भी साबित हो सकता है।
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